‘सहयोग या नाश’: यूएन प्रमुख की कॉप27 में, जलवायु एकजुटता समझौते की पुकार | COP27

यूएन प्रमुख ने कहा, “मानवता के पास विकल्प मौजूद है: सहयोग या नाश. ये विकल्प है – या तो जलवायु एकजुटता समझौता – या फिर सामूहिक आत्महत्या समझौता.”

यूएन जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के तहत इस पहली शिखर बैठक में 100 से ज़्यादा विश्व नेता शिरकर कर रहे हैं.

यूएन प्रमुख ने इन विश्व नेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत, देशों को कार्बन उत्सर्जनों में कमी करने के लिये अतिरिक्त प्रयास करने होंगे, धनी देशों व अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों को सहायता मुहैया करानी होगी, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता ख़त्म करनी होगी और कोयला संचालित संयंत्रों का निर्माण बन्द करना होगा, सभी को टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध करानी होगी, और सम्पूर्ण मानवता के लाभ के लिये, रणनीति व क्षमताओं के मिश्रण के लिये एकजुट होना होगा.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “इस समझौते को एक वास्तविकता बनाने के प्रयासों में शामिल होने के लिये, दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्ताओं वाले देशों – संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन – के कन्धों पर विशेष ज़िम्मेदारी है. हमारे जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये यही एक मात्र आशा है.”

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि जल्द ही मानव परिवार के 8 अरब वें सदस्य का जन्म होने वाला है, और यह अहम पड़ाव, कॉप27 की प्रासंगिकता व अहमियत को एक सन्दर्भ देता है.

“8 अरब वें शिशु के इस सवाल का हमारे पास क्या जवाब होगा: आपने हमारी दुनिया – और पृथ्वी के लिये क्या किया – जबकि आपके पास मौक़ा था.”

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, कॉप27 सम्मेलन के उदघाटन के दौरान

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, कॉप27 सम्मेलन के उदघाटन के दौरान

यूक्रेन में युद्ध से अलग स्तर का एक संकट

यूएन प्रमुख ने सम्मेलन के प्रतिभागियों को याद दिलाते हुए कहा कि पृथ्वी एक ऐसे पड़ावों की तरफ़ तेज़ी से बढ़ रही है जहाँ जलवायु आपदा को पलटना असम्भव हो. “हम एक जलवायु नरक की तरफ़ तेज़ रफ़्तार वाले वाहन में सवार हैं और हमारे पैर गति बढ़ाने वाले बिन्दुओं पर रखे हुए हैं.”

उन्होंने कहा कि वैसे तो यूक्रेन में युद्ध और अन्य युद्धों ने बड़े पैमाने पर रक्तपात और हिंसा फैलाने के साथ-साथ दुनिया भर में अनेक तरह के प्रभाव छोड़े हैं, मगर संयुक्त राष्ट्र ये स्वीकार नहीं कर सकता कि पर्याप्त ध्यान जलवायु परिवर्तन पर ना केन्द्रित किया जाए.

यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि यह हमारे दौर का एक अति महत्वपूर्ण मुद्दा है. यह हमारी सदी की केन्द्रीय चुनौती है. इसे चुनौती को तात्कालिकता की सूची में पीछे की तरफ़ धकेल देना, अस्वीकार्य, क्रूर और आत्मघाती होगा.

यूएन प्रमुख ने कहा कि आज के दौर के अनेक संघर्ष, बढ़ती जलवायु आपदा से सम्बद्ध हैं.

उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध ने जीवाश्म ईंधन के लिये हमारी लत के व्यापक जोखिमों को सामने ला दिया है. आज के तात्कालिक मुद्दों को, जलवायु आपदा की तात्कालिकता को कमतर करने के लिये बहाना नहीं बनाया जा सकता.

“बल्कि उसके उलट, आज के दौर के संकट, दरअसल, व्यापक तात्कालिकता, मज़बूत कार्रवाई और प्रभावशाली जवाबदेही के लिये सही दलीलें हैं.”

पवन ऊर्जा की तरह,शुद्ध ऊर्जा भी शून्य उत्सर्जन हासिल करने का एक प्रमुख साधन है. मोंटेनेग्रो में स्थित पवन फार्म.

Unsplash/Appolinary Kalashnikova

पवन ऊर्जा की तरह,शुद्ध ऊर्जा भी शून्य उत्सर्जन हासिल करने का एक प्रमुख साधन है. मोंटेनेग्रो में स्थित पवन फार्म.

तेल कम्पनियों पर टैक्स की हिमायत

यूएन प्रमुख एंतोनियों गुटेरेश ने देशों की सरकारों से, कोविड-19 महामारी के दौरान जीवाश्म ईंधन कम्पनियों द्वारा अर्जित किये गए मुनाफ़े पर टैक्स लगाने और उससे मिलने वाली राशि को, बढ़ते खाद्य व ऊर्जा मूल्यों का सामना करने में संघर्ष कर लोगों और जलवायु संकटों के प्रभावों से नुक़सान उठाने को विवश देशों की मदद करने में ख़र्च करने को कहा.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “जलवायु परिवर्तन के घातक प्रभाव यहाँ और बिल्कुल अभी नज़र आ रहे हैं. हानि और विनाश को अब नज़र से छुपाया नहीं जा सकता है. ये एक नैतिक अनिवार्यता है. ये अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता – और जलवायु न्याय का एक बुनियादी सवाल है. जो पक्ष जलवायु संकटों के लिये सबसे कम ज़िम्मेदार हैं, वो अन्य पक्षों द्वारा बोए गए बीज के हानिकारक फ़सल का नुक़सान उठाने को विवश हैं.”

उन्होंने कहा कि कॉप27 के नेताओं को एक सुस्पष्ट व समय बाधित रोडमैप पर सहमत होना होगा जिसमें चुनौती की तात्कालिकता और पैमाना झलके.

…जारी…

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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