‘काला सागर अनाज निर्यात’ पहल के नवीनीकरण का स्वागत | Black Sea Grain Initiative renewal

इस पहल पर संयुक्त राष्ट्र के मध्यस्थता प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई 2022 में सहमति बनी थी, और इसके क्रियान्वयन की देखरेख एक संयुक्त समन्वय समिति (JCC) करती है.

इस पहल के तहत, अब तक यूक्रेनी बन्दरगाहों से काला सागर के ज़रिये क़रीब एक करोड़ 11 लाख मीट्रिक टन अहम खाद्य सामग्री रवाना की जा चुकी है.

इस समिति में रूस, यूक्रेन, तुर्कीये और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल हैं.

‘बेहद प्रभावित’

महासचिव गुटेरेश, इंडोनेशिया के बाली में G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मौजूद थे. और अब शर्म अल शेख़ में जारी COP 27 जलवायु सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुँच रहें हैं.

महासचिव ने उससे पहले काहिरा से एक वीडियो ट्वीट सन्देश में अपना आभार प्रकट किया है और कहा है कि इस्तान्बूल में इस समझौते पर सहमति से वे अत्यन्त प्रेरित हुए हैं.   

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने “रूसी खाद्य और उर्वरकों के बेरोक निर्यात के लिए शेष बाधाओं” को ख़त्म करने के लिए अपनी गहरी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की है. और अगले साल के दौरान खाद्य संकट से बचने के लिए ये और बहुत आवश्यक है.

विवेकशील कूटनीति

यूएन प्रमुख ने इस्तान्बूल को “ठोस समस्याओं” को हल करने के लिए एक विवेकपूर्ण कूटनीति का आवश्यक केन्द्र बताया है. और साथ ही तुर्कीये व राष्ट्रपति रैसेप तैयप अर्दोगन की भूमिका की भी प्रशंसा की.

उन्होंने तुर्की के लोगों की उदारता और “अति प्रभावी प्रतिबद्धता” के लिए गहरा आभार व्यक्त किया.

महासचिव गुटेरेश ने एक अलग वक्त्व्य में ज़ोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र, इस पहल के संयुक्त समन्वय केन्द्र (JCC) का पूरा समर्थन देने के लिए “पूरी तरह से प्रतिबद्ध” है.

इस पहल में यूक्रेन से जहाज़ों की आवाजाही की देखरेख की जाती है, “ताकि यह महत्वपूर्ण आपूर्ति लाइन सुचारू रूप से अपना काम करती रहे.”

फ़रवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से, देश का अनाज निर्यात बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है.

फ़रवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से, देश का अनाज निर्यात बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है.

भुखमरी के ख़िलाफ अहम उपाय

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि तीन महीने पहले हस्ताक्षरित दोनों समझौते खाद्य और उर्वरक की क़ीमतों को कम करने और वैश्विक खाद्य संकट से बचने के लिए आवश्यक हैं.

“काला सागर अनाज निर्यात पहल’ बहुपक्षीय समाधान खोजने के सन्दर्भ में एक विचारशील कूटनीति के महत्व को प्रदर्शित करना जारी रखती है.

ये पहल बहुपक्षीय समाधान खोजने के सन्दर्भ में विवेकशील कूटनीति के महत्व को प्रदर्शित करना जारी रखती है.

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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