सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए वार्ता प्रक्रिया, दो नए सह-प्रमुखों की नियुक्ति |

महासभा प्रमुख ने गुरूवार को, सुरक्षा परिषद का विस्तार किए जाने और उसे अधिक समानतापूर्ण बनाए जाने पर केन्द्रित एक बैठक को सम्बोधित किया.

इसके बाद, महासभा अध्यक्ष कसाबा कोरोसी ने पत्रकारों को बताया कि शान्ति व सुरक्षा मुद्दों पर सुरक्षा परिषद यूएन का सबसे शक्तिशाली निकाय है. यदि सुरक्षा परिषद में सुधार प्रयासों के लिए महासभा ने अगुवाई नहीं की, तो यूएन की विश्वसनीयता और प्रासंगिकता सवालों के घेरे में होगी.

फ़िलहाल, सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य देशों – चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका – के पास वीटो अधिकार है.

किसी भी एक स्थाई सदस्य देश द्वारा इस अधिकार का इस्तेमाल किए जाने से किसी भी प्रस्ताव को पारित होने से रोका जा सकता है.

सुरक्षा परिषद के दस अन्य अस्थाई देश अपने दो वर्षीय कार्यकाल के लिए क्षेत्रीय आधार पर निर्वाचित किए जाते हैं.

यूएन महासभा अध्यक्ष ने कहा कि बढ़ती संख्या में देश अब सुधारों की मांग कर रहे हैं. यह सवाल पिछले 43 वर्षों से यूएन महासभा के एजेंडे पर है.

“उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान, एक तिहाई विश्व नेताओं ने परिषद में सुधार की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित किया, जोकि 2021 में संख्या की दोगुनी है.”

“वे बदलाव की अगुवाई करने के लिए महासभा की ओर देख रहे हैं.”

“हमें यह स्वीकारना चाहिए कि यह संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता और प्रासंगिकता से जुड़ा हुआ है.”

बदलाव की पुकार

महासभा प्रमुख ने प्रतिनिधियों को बताया कि महासभा को जल्द यह तय करना होगा कि इस विषय पर किस तरह आगे बढ़ा जाएगा.

“महासभा एकमात्र ऐसा यूएन निकाय है, जिसके पास सुरक्षा परिषद में सुधार के सवाल के समाधान की तलाश करने का शासनादेश है. सदस्य देशों, मैं इस रूपान्तरकारी बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए आप पर भरोसा करता हूँ, जिसकी सख़्त ज़रूरत है.”

संयुक्त राष्ट्र महासभा में 193 सदस्य देश हैं, और इसे सम्पूर्ण यूएन प्रणाली का सर्वाधिक प्रतिनिधि अंग माना जाता है.

कसाबा कोरोसी ने सभी देशों से सामूहिक क़दम उठाने और 13 वर्ष पहले शुरू की गई और अब भी जारी अन्तरसरकारी वार्ता प्रक्रिया को समर्थन देने का आग्रह किया, ताकि अर्थपूर्ण सुधार आगे बढ़ाए जा सकें.

“उद्देश्य समाधानों की तलाश करना है. एक पारदर्शी ढंग से, एक अच्छी तरह से तैयार की गई प्रक्रिया के साथ.”

उन्होंने कहा कि वह स्वयं और सह-प्रमुख इस क्रम में सभी आवश्यक समर्थन मुहैया कराएंगे, एक निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और खुले मन के साथ.

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *