फेज़ मंच का समापन – मोरक्को के सहिष्णुता और सह-अस्तित्व के मॉडल से प्रेरणा लेने पर ज़ोर

सभ्यताओं के गठबन्धन, UNAOC के उच्च प्रतिनिधि मिगेल ऐंगेल मोराटिनोस और विदेश, अफ़्रीकी सहयोग व मोरक्कन प्रवासी मामलों के मंत्री नासिर बोरिटा ने बुधवार को, एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए, फोरम और इसके निष्कर्ष पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने दो दिवसीय सभा के दौरान हुई बातचीत में विशाल, उच्च स्तरीय भागेदारी की भी सराहना की.

लोग शान्ति के लिये व्याकुल हैं’

मिगेल ऐंगेल मोराटिनोस ने पत्रकारों से कहा, “हमने एक बहुत ही जटिल भू-राजनैतिक सन्दर्भ में, यहाँ फेज़ में, शान्ति, समझ, आपसी सम्मान, एकजुटता की प्रतिबद्धता की बात की है. लोगों को इसकी बेहद ज़रूरत है…वे शान्ति के लिये व्याकुल हैं. और मुझे लगता है कि हमें यही याद रखने की ज़रूरत है.”

उच्च प्रतिनिधि ने फोरम के परिणाम दस्तावेज़, फ़ेज़ घोषणापत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह “सभ्यताओं के गठबन्धन सहित अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के लिये भी रोडमैप” का काम करेगा.  उन्होंने मोरक्को का उदाहरण देते हुए, सभी को इससे प्रेरणा हासिल करने को कहा.

उन्होंने समझाया, “मोरक्को मॉडल ने आपसी सम्मान, भाईचारे, शान्ति, और समझ की तत्काल आवश्यकताओं के सन्दर्भ में ठोस परिणाम दिए हैं.”

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को फ़ोरम में अपनी प्रारम्भिक टिप्पणी के दौरान, फ़ेज़ का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह शहर “अपने समृद्ध और धर्मनिरपेक्ष इतिहास के कारण, हमारे विश्व की स्थिति पर विचार-विमर्श करने के लिये एक आदर्श स्थान है.”

सहिष्णुता, संवाद समझ की पुष्टि करने का समय

नासिर बोरिटा ने कहा कि “संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की उपस्थिति ने इस बैठक को एक विशेष गरिमा दी है.”

उन्होंने भागेदारी के मामले में फ़ेज़ बैठक की सफलता की सराहना की. साथ ही, संवाद और चर्चाओं की प्रकृति की ओर इशारा करते हुए कहा कि “बैठक ऐसे समय में हुई जब दुनिया को संवाद, समझ एवं सहिष्णुता के महत्व की पुष्टि करने की बेहद आवश्यकता है.”

उन्होंने जोर देकर कहा, “वर्तमान अन्तरराष्ट्रीय स्थिति में हमें तार्किक भाषा, ज्ञान की भाषा सुनने की आवश्यकता है, और इस बात पर ज़ोर देने की आवश्यकता है कि संवाद के मूल्य बुनियादी मूल्य हैं, व धर्म एवं जाति सम्बन्धी हितों व मतभेदों के बावजूद, इस मानवता में बहुत कुछ समान है. “

विदेश मंत्री ने नासिर बोरिटा ने मिगेल ऐंगेल मोराटिनोस की टिप्पणियों को दोहराते हुए, विस्तार से बताया कि मोरक्को किस सिद्धान्त पर आधारित है, और फेज़ शहर क्या दर्शाता है.

उन्होंने कहा: “मोरक्को में जो मॉडल सफल हुआ, वह दुनिया में सफल हो सकता है. मोरक्को ने, सदियों से सदभाव और सह-अस्तित्व के मामले में जो कुछ राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किया है, वो अन्य क्षेत्रों के लिये प्रेरणा का स्रोत हो सकता है.”

यूएन इन्टरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM)के महानिदेशक, एंतोनियो विटोरिनो.

यूएन इन्टरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM)के महानिदेशक, एंतोनियो विटोरिनो.

हमें फ़ेज़ घोषणा पर काम करने की आवश्यकता है

संयुक्त राष्ट्र के प्रवासन आयोग (IOM) के महानिदेशक, एंतोनियो वितॉरिनो ने यूएन न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि वह जिस एजेंसी का नेतृत्व कर रहे हैं, वह दुनिया भर के 80 देशों में मौजूद है. “”लेकिन निस्सन्देह हमारे सबसे महत्वपूर्ण अभियान अफ़्रीकी महाद्वीप पर प्रवासियों की सुरक्षा और समर्थन के लिये हैं.”

उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत अफ़्रीकी प्रवासी जन एक अफ़्रीकी देश छोड़कर दूसरे अफ़्रीकी देश ही जाते हैं. “यह पूरे अफ़्रीकी महाद्वीप में आईओएम की कार्रवाई के महत्व का सूचक है. और हम आशा करते हैं कि यहाँ अफ़्रीका में, सभ्यताओं के गठबन्धन की यह पहली बैठक प्रवासियों की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करने का एक अहम क्षण रहेगा.”

एंतोनियो विटोरिनो ने फ़ेज़ घोषणा-पत्र पर अपने दृष्टिकोण के प्रश्न पर कहा, “घोषणाएँ हमेशा महत्वपूर्ण होती हैं – राजनैतिक रूप से. लेकिन यह पर्याप्त नहीं है. हमें घोषणा पर काम करने की आवश्यकता है. और हम इसके लिये पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं.”

“हर दिन, हर जगह, उन लोगों के साथ, जिन्हें हमारी ज़रूरत है, आईओएम का उद्देश्य है – घोषणा के सार को ठोस कार्रवाई में बदलना, प्रवासियों की रक्षा करना, सुरक्षित, व्यवस्थित व विनियमित प्रवासन का समर्थन करना एवं मानव तस्करी के ख़िलाफ़ लड़ना. ध्यान रहे कि मानव तस्करी प्रवासियों के मानवाधिकारों पर एक हमला है.

फेज़ के यूरोमेड विश्वविद्यालय में युवा कार्यक्रम में भाग लेने वालों में से एक, लेबनान के अली महमूद.

फेज़ के यूरोमेड विश्वविद्यालय में युवा कार्यक्रम में भाग लेने वालों में से एक, लेबनान के अली महमूद.

अन्तर-पीढ़ीगत संवाद

अन्य गतिविधियों में, बुधवार को, विभिन्न देशों के लगभग 100 युवा प्रतिभागी, “वो कैसा भविष्य चाहते हैं” विषय पर चर्चा करने के लिये फ़ेज़ के यूरोमेड विश्वविद्यालय में एकत्रित हुए. उन्होंने अन्तर-पीढ़ीगत संवाद के महत्व पर ज़ोर दिया और बताया कि नफ़रत भरी बयानबाज़ी का मुक़ाबला करने से युवा पीढ़ी को कितने लाभ हो सकते हैं.

युवा कार्यक्रम के प्रतिभागियों में से एक, लेबनान के अली महमूद ने यूएन न्यूज़ को बताया कि वह और ‘अदियान’ नामक एक संघ में उनके समकक्ष जन, कार्यशालाओं और अभियानों के ज़रिये, अभद्र भाषा व लेबनानी समाज पर इसके मनोवैज्ञानिक या भौतिक प्रभावों से निपटने के लिये एक कार्यक्रम चला रहे हैं.

मोरक्को के विदेश मंत्री ने बताया कि कुल मिलाकर फेज़ फोरम में मंत्रिस्तरीय स्तर पर, लगभग 42 प्रतिभागियों, क्षेत्रीय संगठनों के 90 प्रमुखों और 12 पूर्व राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के प्रमुखों ने भाग लिया, जोकि  सम्मेलन के लिये एक बड़ी क़ामयाबी है.

UNAOC अपनी स्थापना के बाद से अन्तर-सांस्कृतिक संवाद, समझ और सहयोग के लिये एक प्रमुख संयुक्त राष्ट्र मंच बन गया है. इसने विभिन्न समुदायों के बीच समझ को बढ़ावा देने के लिये समर्पित सरकारों, क़ानून निर्माताओं, स्थानीय अधिकारियों, नागरिक समाज संगठनों, मीडिया और व्यक्तियों को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है.

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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