यूक्रेन: मिसाइल हमलों से भीषण सर्दी का सामना कर रहे लाखों लोगों का जीवन और भी दूभर

न्यूयॉर्क में नियमित प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान, सहायक प्रवक्ता, स्टैफ़नी ट्रेमब्ले ने पत्रकारों को बताया कि संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के कार्यालय OCHA ने स्थानीय अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि इन हमलों से उत्तर, मध्य और दक्षिण क्षेत्रों के साथ-साथ, राजधानी कीयेव पर भी असर पड़ा है.

उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा, “ओडेसा में, पम्पों को चलाने के लिये बिजली की कमी होने के कारण पानी की आपूर्ति से समझौता किया गया है, और निप्रो और ओडेसा में हीटिंग सिस्टम भी प्रभावित हुआ है.”

“इसके अलावा, कीयेव के 40 प्रतिशत हिस्से में बिजली की आपूर्ति ठप्प हो गई है.”

भीषण सर्दी से जूझने के लिये मजबूर  

स्टैफ़नी ट्रेमब्ले ने कहा कि हमलों ने यूक्रेन के पावर ग्रिड को नुक़सान पहुँचाया है, वो भी ऐसे समय में, जब देश के अधिकाँश हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे जा चुका है, और कीयेव में -8 डिग्री तक पहुँच गया है.”

ऊर्जा प्रणाली पर बार-बार होने वाले हमलों से, लाखों नागरिक कड़ाके की ठण्ड से जूझने को मजबूर हैं, विशेष रूप से युद्ध की अग्रिम पक्तियों में रहने वाले लोग, जिन्हें तापन, पानी और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच हासिल नहीं है.

गर्म रहने के लिये मदद

उन्होंने कहा कि सौभाग्य से, अस्पतालों को चालू रखने के लिये जनरेटर, विस्थापितों को गर्म रखने के केन्द्र; और हज़ारों सुविधाओं को अस्थाई हीटिंग पॉइंट के रूप में तैयार करने में सहायता कर्मी, यूक्रेनी अधिकारियों की मदद कर रहे हैं.

प्रवक्ता ने बताया, “हमने 400 से अधिक जनरेटर वितरित किए हैं, और आने वाले दिनों में अतिरिक्त की आपूर्ति की जाएगी. हमने 6 लाख 30 हज़ार से अधिक लोगों के लिये गर्म कपड़े, हीटिंग उपकरण व घर की मरम्मत की सुविधा भी प्रदान की है.”

खेरसॉन क्षेत्र की बात करें तो, संयुक्त राष्ट्र ने खेरसॉन शहर के बाहरी इलाक़े में स्थित दो समुदायों को आवश्यक आपूर्ति सामग्री से भरे 10 ट्रक भेजे हैं, जिसमें तीन महीने के लिए 20,000 रोगियों का इलाज करने के लिये पर्याप्त स्वास्थ्य किटें; 6,000 लोगों के लिये स्वच्छता किटें; और 1,500 परिवारों को कम्बल, गद्दे व अन्य आपूर्ति सहित आवश्यक घरेलू सामान शामिल हैं.

परिवारों के लिये भोजन

साथ ही, उन्होंने कहा कि संघर्ष के कारण देश में बुनियादी सेवाओं की कमी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, पिछले महीने विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफ़पी) ने लगभग 28 लाख लोगों को भोजन और नक़द सहायता प्रदान की है.

डब्ल्यूएफ़पी ने कहा कि दिसम्बर में उनकी मुख्य प्राथमिकता, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में समय पर जीवन रक्षक सहायता पहुँचाकर लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने की रहेगी.

स्टैफ़नी ट्रेमब्ले ने कहा, “कुल मिलाकर, इस साल फरवरी में देश में डब्ल्यूएफ़पी की कार्रवाई की शुरुआत के बाद से, भागीदारों को, युद्ध प्रभावित लोगों और देश भर के ज़रूरतमंद लोगों के लिये, 1 लाख 37 हज़ार मीट्रिक टन से अधिक भोजन वितरित किया जा चुका है.”

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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