2022: ‘रिकॉर्ड तोड़’ चरम मौसम घटनाएँ चिन्ताजनक, कारगर जलवायु कार्रवाई की दरकार

यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भीषण बाढ़ से लेकर ताप लहरों, सूखे व जलवायु सम्बन्धी आपदानों ने इस वर्ष लाखों-करोड़ों को प्रभावित किया है और अरबों डॉलर का नुक़सान हुआ है.

यूएन एजेंसी के प्रमुख पेटेरी टालस ने कहा, “इस वर्ष हमने अनेक नाटकीय मौसमी आपदाओं का सामना किया है, जिनमें अनेक ज़िंदगियाँ और आजीविका बर्बाद हुई, और स्वास्थ्य, भोजन, ऊर्जा, जल सुरक्षा व बुनियादी ढाँचे पर भी असर पड़ा.”

इसके मद्देनज़र, संगठन ने कार्बन उत्सर्जन में कटौती के साथ-साथ, जलवायु परिवर्तन अनकूलन प्रयासों को मज़बूती प्रदान करने की पैरवी की है, जिसके तहत, समय पूर्व चेतावनी प्रणालियों की सार्वभौमिक सुलभता सुनिश्चित करना भी है.

वर्ष 2022 के लिये वैश्विक तापमान सम्बन्धी आँकड़े अगले वर्ष मध्य-जनवरी में प्रकाशित किये जाएंगे. यूएन एजेंसी ने ध्यान दिलाया कि पिछले आठ वर्ष, अब तक रिकॉर्ड पर सर्वाधिक गर्म साल साबित होने की राह पर हैं.

2022 लगातार दसवाँ ऐसा साल होगा, जब तापमान ने पूर्व-औद्योगिक काल में तापमान के स्तर की तुलना में कम से कम 1 डिग्री सेल्सियस को पार किया है, और यह बढ़कर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुँच सकता है.

समय पूर्व चेतावनी

यूएन एजेंसी ने कहा कि समय पूर्व चेतावनी प्रणाली, बुनियादी वैश्विक पर्यवेक्षण प्रणाली में निवेश और चरम मौसम व जलवायु घटनाओं के प्रति सहनक्षमता, अगले वर्ष के लिये संगठन की प्राथमिकताएँ हैं.

वर्ष 2023 में ही, यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी की स्थापना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं.

इसके अलावा, ज़मीन-आधारित वैश्विक वातावरण वॉच, सैटेलाइट मॉडलिंग के ज़रिये, कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन व नाइट्रस ऑक्साइड के स्रोतों की निगरानी के नए रास्तों को भी बढ़ावा दिया जाएगा.

इस प्रणाली से यह समझना सम्भव है कि वातावरण में प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों का व्यवहार किस तरह है.

जलवायु संकेतक

संगठन के अनुसार, ग्रीनहाउस गैस, स्तर मापने के लिये केवल एक जलवायु संकेतक है. इसके अलावा, समुद्री जलस्तर वर्ष 1993 के बाद से दोगुना हुआ है, और महासागरीय ताप व अम्लीकरण भी रिकॉर्ड ऊँचाई पर है.

वर्ष 2022 में योरोपीय ऐल्प्स में स्थित हिमनदों पर अभूतपूर्व असर हुआ है, और बड़े पैमाने पर उनके पिघलने की जानकारी प्राप्त हुई है.

बताया गया है कि ग्रीनलैंड में जमे हुए पानी की चादर का द्रव्यमान लगातार 26वें साल घटा है, और सितम्बर महीने में पहली बार चोटी पर बर्फ़ पड़ने के बजाय बारिश हुई.

ताप लहरों का असर

वर्ष 2022 के दौरान, वैश्विक तापमान के मामले में रिकॉर्ड नहीं टूटे, मगर अनेक देशों में राष्ट्रीय स्तर पर तापमान में रिकॉर्ड उछाल देखा गया.

भारत और पाकिस्तान में मार्च व अप्रैल के महीनो के दौरान चिलचिलाती गर्मी का प्रकोप रहा, और चीन में भी लोगों को गहन व लम्बे समय तक जारी रहने वाली ताप लहरों का सामना करना पड़ा.

उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित कुछ हिस्से भी असाधारण रूप से शुष्क व सूखे थे.

अर्जेंटीना का मध्य-ऊत्तरी इलाक़ा, दक्षिणी बोलिविया, मध्य चिली और पैराग्वे व उरुग्वे के अधिकाँश हिस्सों में नवम्बर व दिसम्बर महीनों के दौरान रिकॉर्ड ध्वस्त करने वाले तापमान दर्ज किये गए.

पेटेरी टालस ने कहा, “चीन, योरोप, उत्तर व दक्षिण अमेरिका में रिकॉर्ड तोड़ ताप लहरें देखी गईं. हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका में लम्बे समय से जारी सूखे के कारण मानवीय विनाश का ख़तरा है.”

अभूतपूर्व बारिश, भीषण बाढ़

पूर्वी अफ़्रीका में, पिछले चार मौसमों के दौरान औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है, जोकि पिछले 40 वर्षों में सबसे लम्बी अवधि है.

इससे, लाखों लोगों को प्रभावित करने वाला एक विशाल मानवीय संकट उपजा है, कृषि बर्बाद हो गई और मवेशियों की मौत हो रही है, विशेष रूप से इथियोपिया, केनया व सोमालिया में.

जुलाई व अगस्त महीनों के दौरान पाकिस्तान में भीषण बाढ़ से तीन करोड़ से अधिक लोगों पर असर हुआ, एक हज़ार 700 से ज़्यादा की मौत हुई और 79 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा.

यूएन एजेंसी प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न था, जिससे बड़े पैमाने पर आर्थिक क्षति हुई और बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए.

 

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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