सीरिया: रासायनिक हथियारों से अस्वीकार्य जोखिम, जो ‘हम सब के लिये भी ख़तरा’

अडेडेजी ऐबो ने, निरस्त्रीकरण मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की उच्च प्रतिनिधि इज़ूमी नाकामित्सू की तरफ़ से बोलते हुए कहा कि सीरिया के लम्बी अवधि से चल रहे युद्ध में, लड़ाका पक्षों द्वारा पहले भी रासायनिक हथियारों का प्रयोग किये जाने के मामले में “जवाबदेही की अनुपस्थिति अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये, और हम सब के लिये भी एक ख़तरा है”.

उन्होंने कहा, “इसलिये उन पक्षों व लोगों की जवाबदेही निर्धारित करना बहुत ज़रूर है जिन्होंने रासायनिक हथियारों का प्रयोग करने की जुर्रत की है.”

“अब जबकि हम नया वर्ष शुरू कर रहे हैं, मैं अपनी निष्ठापूर्ण आशा व्यक्त करता हूँ कि सुरक्षा परिषद के सदस्य, इस मुद्दे पर एकजुट होंगे.”

कोई प्रगति नहीं

संयुक्त राष्ट्र का निरस्त्रीकरण मामलों का कार्यालय, प्रस्ताव 2118 के सन्दर्भ में, रासायनिक शस्त्र निषेध संगठन (OPCW) के साथ सम्पर्क में रहा है.

इस प्रस्ताव में सीरियाई सरकार को सभी तरह के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने का आदेश दिया गया है, जो उसके पास मौजूद हों.

अडेडेजी ऐबो ने कहा कि सुरक्षा परिषद की इस मुद्दे पर पिछली बैठक के बाद से, अनसुलझे मुद्दों पर कोई प्रगति नहीं हुई है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “तमाम अनसुलझे मुद्दों के समाधान के लिये, सीरिया को ओपीसीडब्ल्यू के सचिवालय के साथ पूर्ण सहयोग करना ज़रूरी है.”

कोई जवाब या अनुपालन नहीं

अडेडेजी ऐबो ने सुरक्षा परिषद को सूचित किया कि सीरिया ने, वर्ष 2018 में दोऊमा में रासायनिक हथियार सम्बन्धी एक घटना के सम्बन्ध में दो सिलिंडरों के अनाधिकृत परिवहन के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दिया है.

उन्होंने ये भी ध्यान दिलाया कि ओपीसीडब्ल्यू के एक खोजी दल ने 6 से 12 नवम्बर तक जो दौरा किया था, वो देश में रासायनिक हथियारों का प्रयोग किये जाने के आरोपों के सम्बन्ध में मिली तमाम जानकारी का अध्ययन करने की प्रक्रिया में है.

अडेडेजी ऐबो ने कहा कि ओपीसीडब्ल्यू का तकनीकी सचिवालय इस सम्बन्ध में सीरिया के साथ निकट सम्पर्क जारी रखेगा.

इस मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की पूरी बैठक देखने के लिये यहाँ क्लिक करें.

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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