ब्राज़ील: यूएन प्रमुख को देश की लोकतंत्र मज़बूती में पूर्ण विश्वास

यूएन महासचिव ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इन ख़बरों पर झटका लगा है कि एक भीड़ राजधानी ब्राज़ीलिया में, रविवार को सरकारी इमारतों में दाख़िल हो गई और वहाँ उथल-पुथल मचाई व लूटपाट की.

मगर यूएन प्रमुख ने ये भी कहा कि वो इस बारे में बिल्कुल आश्वस्त हैं कि ब्राज़ील, इस तरह की परिस्थितियों से निपट सकता है और ये सुनिश्चित कर सकता है कि ज़िम्मेदार तत्वों को उनकी गतिविधियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए.

लोकतंत्र आगे बढ़े

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “ब्राज़ील के लोकतांत्रिक कार्यकलाप आगे बढ़ते रहें. सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण ये है कि विधि का शासन काम करता रहे, और लोकतंत्र आगे बढ़ता रहे.”

ग़ौरतलब है कि मुख्यतः देश के निवर्तमान धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के समर्थक हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने, संसद – कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन के कुछ हिस्सों को खंडित किया.

जायर बोलसोनारो, अक्टूबर 2022 में हुए चुनाव में, अपने वामपंथी प्रतिद्वन्द्वी और पूर्व राष्ट्रपति लुइज़ इमेसियो लूला डी सिल्वा से हार गए थे.

ख़बरों के अनुसार, लगभग 1200 लोगों को, दंगों के बाद हिरासत में लिया गया, जिनमें ज़्यादातर जायर बोलसोनारो के समर्थक हैं, जो बिना किसी सबूत के ये मानते हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई. कुछ समर्थक तो, पिछले साल की चुनावी हार के बाद से ही, विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

जायर बोलसोनारो ने, गत एक जनवरी को राष्ट्रपति लूला द्वारा अपना कार्यकाल शुरू करने से कुछ दिन पहले ही, देश छोड़कर बाहर चले गए थे, और इस समय अमेरिका में मौजूद हैं. उन्होंने 30 अक्टूबर 2022 को हुए चुनावों के परिणामों को प्रबल तरीक़े से चुनौती दी थी.

जायर बोलसोनारो ने राष्ट्रपति लूला के इन आरोपों का खंडन किया है कि उन्होंने रविवार की हिंसा में ईंधन झोंका है. उन्होंने एक ट्वीट सन्देश में ये भी कहा है कि उनके समर्थकों ने एक शान्तिपूर्ण प्रदर्शन की रेखा पार की है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश (बीच में), ब्राज़ील की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए (9 जनवरी 2023).

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश (बीच में), ब्राज़ील की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए (9 जनवरी 2023).

एक सतत तोड़-मरोड़ की परिणति

यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने भी रविवार को अपने कार्यालय द्वारा जारी एक वक्तव्य में, ब्राज़ील की राजधानी में रविवार को हुई घटनाओं को “दिल दहला देने वाली” बताया है.

उन्होंने कहा है, “मैं ब्राज़ीली लोकतंत्र के हृदय पर इस हमले की निन्दा करता हूँ” जोकि तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने के एक सतत अभियान व हिंसा को भड़काने, और राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक तत्वों द्वारा हिंसा नफ़रत फैलाने की परिणति थी. ये तत्व लोकतांत्रिक चुनावों के परिणामों को नकार कर, अविश्वास, विभाजन और विध्वंस के माहौल में ईंधन झोंक रहे थे.

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों के परिणामों को स्वीकार करना, बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धान्तों के केन्द्र में है. चुनावी धांधली के आधारहीन आरोपों से, राजनैतिक भागेदारी के अधिकार की अहमियत कम होती है.

वोल्कर टर्क ने ये भी कहा कि “दुष्प्रचार और जोड़-तोड़ को रोका जाना होगा. मैं पूरे ब्राज़ील के राजनैतिक पटल के तमाम नेतागण से एक दूसरे के साथ सहयोग करने और लोकतांत्रिक संस्थानों में विश्वास बहाली की दिशा में एक साथ मिलकर काम करने, व जन संवाद और भागेदारी को बढ़ावा देने का आग्रह करता हूँ.”

Source: संयुक्त राष्ट्र समाचार

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