एसडीजी: बेहतर विश्व के लिए युवजन के सुझाव

September 30, 2023 - संयुक्त राष्ट्र समाचार


यह मंच काफ़ी व्यस्त रहा. यूएनजीए के 78वें सत्र का उच्च-स्तरीय सप्ताह, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दौड़ की मध्यावधि में, जाँन फूँकने पर केन्द्रित था.

हालाँकि अतीत के महासभा सत्रों में, इस वैश्विक मंच पर पारम्परिक रूप से विश्व नेताओं के कामकाज का लेखा-जोखा ही सुर्ख़ियों में रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में फ़िल्मी सितारों से लेकर ज़मीनी स्तर के आयोजकों तक, इसमें अन्य ग़ैर-राजनयिक प्रतिभागियों की संख्या बढ़ी है.

सभी ने 2030 एजेंडा और उसके 17 लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने की मध्यावधि में, प्रगति तेज़ करने का एक सार्वभौमिक आहवान दोहराया. इसके अलावा, 2020 में वैश्विक कोविड ​​-19 महामारी फैलने के बाद पहली बार व्यक्तिगत रूप से आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा में, कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों भी केन्द्र में रहे.

यूएनजीए78 ने हमें यह भी सोचने पर मजबूर किया कि महासभा के हॉल के प्रतिष्ठित, हरे-संगमरमर वाले पोडियम से परे, इन वैकल्पिक आवाज़ों की गूंज से आधिकारिक कार्रवाई पर कितना असर पड़ा. हमने उनसे पूछा कि क्या उनकी बात सुनी जा रही थी? और उन्होंने उत्तर दिए.

राचेल स्टर्लिंग और नैन्सी रोड्स, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक सतत फैशन सॉफ़्टवेयर कम्पनी ‘ऑल्टरन्यू’ के सह-संस्थापक हैं.

‘हम सूट-बूट वाले नहीं हैं’

‘ऑल्टरन्यू’ की सह-संस्थापक, राचेल स्टर्लिंग और नैंसी रोड्स के अनुसार, यूएनजीए78 में ज़मीन पर मौजूद परिवर्तकों में मोचियों की कमी लगी. अमेरिका में स्थित उनकी कम्पनी – दर्ज़ियों, मोचियों, और घड़ी व आभूषण मरम्मत करने वाले लोगों को, फ़ास्ट फ़ैशन को दरकिनार करके, उपभोक्ताओं से जुड़ने एवं टिकाऊ खपत (एसडीजी 12) को बढ़ावा देने वाली एक परिपत्र अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करने हेतु व्यावसायिक सॉफ़्टवेयर प्रदान करती है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के परिसर में स्थित, एसडीजी मीडिया ज़ोन के पास बातचीत के दौरान राचेल स्टर्लिंग ने कहा, “आप चाहे एक दर्ज़ी हों, मोची या जौहरी, लेकिन आप एक परिपत्र अर्थव्यवस्था में बुनियादी भूमिका निभाते हैं.”

राचेल स्टर्लिंग ने यूएन न्यूज़ को बताया कि जब वह यूएनजीए78 की तैयारी कर रही थीं, तो वहाँ जाने के लिए अपनी पोशाक को लेकर चिन्तित थींं.

उन्होंने कहा, “हम सूट-बूट वाले नहीं हैं,” और फिर, कॉर्पोरेट शैली की उम्मीद में, उन्होंने ऊँची हील के जूतों के बजाय, ‘स्नीकर्स’ पहनना पसन्द किया.

विश्व नेताओं के लिए मेरा सन्देश है ‘आप प्रकृति के साथ सौदेबाज़ी नहीं कर सकते; यदि आप हमारे ग्रह को नहीं बचाते, तो इतिहास यह याद नहीं रखेगा कि आपने कितना मुनाफ़ा कमाया.’ – आयशा सिद्दीक़ी, पाकिस्तान की युवा एसडीजी जलवायु पैरोकार.

‘अलग रहकर काम करने की प्रवृत्ति’ को तोड़ें

हाशिए पर ही सही, चर्चा का हिस्सा होने पर वो ख़ुश थे, लेकिन इस बात पर सहमत भी थे कि उनकी और अन्य लोगों की आवाज़, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के अन्दर बेहतर ढंग से सुनी जा सकेगी.

नैंसी रोड्स ने कहा, “हालात बदलने के लिए, अलग-अलग रहते हुए काम करने की प्रवृत्ति  बदलनी होगी.”

उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए, जीवाश्म ईंधन की भीड़ और महासभा में आने वाले टिकाऊ फ़ैशन के समर्थक, अलग-अलग वार्ता कर रहे थे, जबकि उनका लक्ष्य वास्तव में एक ही है: उत्सर्जन घटाकर, टिकाऊ खपत व उत्पादन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना. 

नैंसी रोड्स ने कहा, भाषा सम्बन्धी बाधाएँ भी दूर की जानी चाहिए.

राचेल स्टर्लिंग ने कहा, “इसमें हर किसी को समाधान का हिस्सा बनाना ज़रूरी है. केवल अंग्रेज़ी बोलने वाली दुनिया ही इसे हल नहीं करेगी.”

कवि अलहानिस्लाम और अभिनेता रहमा सदाउ, एक प्रशंसक के साथ फोटो खिंचवाते हुए.

‘पहली बार यूएनजीए में शिरकत’ 

एसडीजी प्राप्ति के लिए कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए, यूएन मुख्यालय के उत्तरी मैदान में, स्थापित 17 कमरों की प्रदर्शनी के बाहर मशहूर हस्तियाँ, अपनी तस्वीरें खिंचवा रही थीं. अर्द्ध-गोलाकार “मंडप” में अनेक दरवाज़े थे, जिन्हें खोलने पर अभूतपूर्व कला प्रतिष्ठान नज़र आते थे, जिनमें से प्रत्येक कलाकृति एक लक्ष्य का प्रतिनिधित्व करती थी.

शान्ति, सुरक्षा और मज़बूत संस्थानों पर एसडीजी 16 की ओर जाने वाले दरवाज़े के बाहर, नाइजीरियाई सितारे, अलहानिस्लाम और रहमा सदाऊ, एक प्रशंसक के साथ फ़ोटो खिंचवा रहे थे.

तीस लाख सोशल मीडिया प्रशसंकों वाली, शिक्षा (एसडीजी 4) एवं साझेदारी (एसडीजी 17) की पैरोकार, रहमा सदाऊ ने कहा, “एक अभिनेत्री के रूप में, मुझे लगा कि मैं अपनी आवाज़ के ज़रिए इस पर बड़ा प्रभाव छोड़ सकती हूँ.”

अलहानिस्लाम, संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर काँगो के कवि, पैसिफ़ीक़ अकिलीमाली के साथ Peace Begins With Me  की सह-लेखिका रही हैं.

उन्होंने कहा कि वह स्थानीय समुदायों के कार्य, दूर-दूर तक पहुँचाने के लिए अपनी आवाज़ का उपयोग करती हैं.

‘मेरी आवाज़ सुनी गई’

वो कहती हैं, “मुझे विश्वास है कि मेरी आवाज़ सुनी गई है. लोगों ने मुझे सन्देश भेजा है कि उन्हें इससे प्रेरणा मिली है.”

उन्होंने दरवाज़ा-16 खोलते हुए, युद्ध द्वारा परिभाषित बचपन की कठोर तस्वीर पेश करने वाली, माली के कवि, सलीमाता फोफ़ाना द्वारा लिखित और रिकॉर्ड की गई शान्ति की कविता की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप भी इसे पा सकते हैं.” 

‘नए विचारों के लिए जगह’

अल्हानिस्लाम ने कहा, संयुक्त राष्ट्र “विभिन्न युवाओं द्वारा की जा रही कार्रवाई में भाग लेने के लिए अधिक प्रयास कर सकता है. “एक तरीक़ा यह होगा कि विभिन्न समुदायों से “प्रतिभाएँ खोजने के लिए टीमें” बनाई जाए ताकि “नई आवाज़ें तलाश की जा सकें, जो समस्याओं के समाधान हेतु विभिन्न कार्यों में संलग्न हों.”

उन्होंने कहा, “नए विचारों के लिए जगह होनी चाहिए.”

‘समाधान मौजूद हैं’

नाइजीरिया में युवाओं के नेतृत्व वाली स्थिरता पहल से जुड़े पर्यावरणविद और समुद्री जीवविज्ञानी, टेमिलाडे सलामी ने कहा, “हमारे सामने एक विशाल कार्य मौजूद है और सभी प्रणालियों को इसमें लग जाना चाहिए.”

उन्होंने, पिछले सप्ताह एसडीजी पवेलियन में शिक्षा पर एक वार्ता का संचालन करते हुए कहा, “कार्रवाई का समय अभी है. हम जानते हैं कि हमारे ग्रह में हो रहे बदलावों के हिसाब से, मानसिकता बदलने और कौशल निर्माण व अनुकूलन में शिक्षा एक अहम भूमिका निभा सकती है.”

फिजी में “जलवायु संकट की अग्रिम पंक्ति” पर काम कर रहे विशाल प्रसाद कहते हैं. “मैं यहाँ विश्व नेताओं से जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई तेज़ करने का आग्रह करने आया हूँ. वर्तमान में वहाँ 40 गाँवों से लोगों को स्थानान्तरित करने की आवश्यकता है.

टेमिलाडे सलामी ने कहा, “मुझ जैसे युवाओं को प्रोत्साहित करने का एक तरीक़ा, यह सुनिश्चित करना है कि आप हमारे स्थानीय कार्यों का समर्थन करें, क्योंकि हम इन समस्याओं के सबसे क़रीब हैं, और हम वो समाधान जानते हैं जो हमारे लिए उपयुक्त है.”

चिली में शिक्षा समूह Fundación Tremendas की संस्थापक, जूलियट मार्टिनेज ने इससे पूर्ण सहमति व्यक्त की. “हमारे पास परियोजनाएँ हैं. इसलिए, हमारे साथ काम करें, और आप देखेंगे कि हम कितनी बेहतरीन परियोजनाएँ कर सकते हैं क्योंकि युवजन जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें उनके अलावा कोई अन्य जन नहीं समझ सकते.”

यूएन न्यूज़ ने जिन लोगों से बात की, उनमें ज़िम्बाब्वे की एक शिक्षा कार्यकर्ता, वरैज़ो कटिवु भी शामिल थीं, जो अपने 3 लाख सोशल मीडिया प्रशंसकों के ज़रिए, वंचित व कम प्रतिनिधित्व वाले छात्रों को अपनी शैक्षणिक क्षमता पहचानने के लिए सशक्त बनाने में मदद करती हैं.

भविष्य के शिखर सम्मेलन की बैठक में उन्होंने कहा कि युवजन “सार्थक जुड़ाव चाहते हैं. हम उस स्थान पर मौजूदगी चाहते हैं, जहाँ निर्णय लिए जा रहे हैं. कृपया हमारे बारे में बात करना बन्द करके, हमारे साथ बात करना शुरू करें, और न केवल हमारे साथ बात करें बल्कि हमारे साथ काम भी करें.”

शिक्षा कार्यकर्ता, वरैद्ज़ो कटिहु, न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘भविष्य के शिखर सम्मेलन’ को सम्बोधित करते हुए.

‘हर लम्हे को क़ैद करने की कोशिश’

सप्ताह के अन्त तक, महासभा के इस मुख्य मंच ने, दुनिया भर के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और लगभग तीन हज़ा पत्रकारों को आकर्षित किया. जकार्ता पोस्ट की एक रिपोर्टर, यवेटे तनामल पहली बार यूएनजीए के उच्च-स्तरीय सप्ताह को कवर कर रही थी. उन्होंने “सैकड़ों घटनाओं और हज़ारों द्विपक्षीय बैठकों” की पृष्ठभूमि में, आम भावना पेश की.

उन्होंने कहा, “इसमें बहुत मज़ा आया, ख़ासतौर पर सभी-कुछ कवर करने की कोशिश में, आप जो उत्साह महसूस करते है.” साथ ही, उन्होंने यूएनजीए में पहली बार आने वाले अन्य लोगों को सलाह दी: “यहाँ आरामदेह जूते पहनकर आएँ.”

वादों पर अमल करना आवश्यक

विश्व नेताओं की गम्भीर आवाज़ों के विपरीत, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वहाँ का समाँ ही बदल दिया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इन “प्रवर्तकों और कर्ताओं” का स्वागत किया.

इन जोशीले युवा प्रतिभागियों में एक बात समान थी – प्रतिबद्धताओं को कार्रवाई में बदलना. अपने समुदायों में वापस जाकर वो अपनी यह मूल्यवान कार्रवाई जारी रखेंगे:

  • चिली: व्यवसाय और सामाजिक सक्रियता के अपने अनुभवों पर किताब, No Soy Julieta की लेखिका, जूलियट मार्टिनेज, 16 साल की उम्र में संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था, यूएनवीमेन में सलाहकार नियुक्त की गईं. उन्होंने Fundación Tremendas की स्थापना की, जो 18 देशों में 1,500 से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा एसडीजी हासिल करने पर केन्द्रित था.
  • नाइजीरिया: रहमा सदाउ ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाई और ‘रे ऑफ़ होप’ फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके ज़रिए लैंगिक समानता का प्रसार करने और महिलाओं व लड़कियों के सशक्तिकरण (एसडीजी 5) हेतु, सर्वाधिक ज़रूरतमन्द बच्चों तक पहुँच बनाई गई.
  • नाइजीरिया: टेमिलाडे सलामी ने अफ़्रीका के युवा पर्यावरणविदों के सबसे बड़े नैटवर्क में से एक, EcoChampions की स्थापना की, जिसके कार्यक्रम 26 देशों (एसडीजी 13) में फैले हैं.
  • ज़िम्बाब्वे: वरैद्ज़ो कटिवु ने युवजन, शिक्षा-केन्द्रित दानदाताओं के स्वयंसेवकों के लिए एक व्यावहारिक स्व-सहायता पुस्तक, EMPOWERED लिखी है. वो यूनाइटेड वर्ल्ड स्कूल्स, CAMFED और गर्लअप ज़िम्बाब्वे की सक्रिय दूत हैं, और उन्होंने Empowered By Vee,की स्थापना की है, जिसका हिस्सा 17,600 से अधिक छात्र (एसडीजी 4) हैं.



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